मोहिनी एकादशी 2019: आज के दिन क्यों नहीं खाने चाहिए चावल, यहां जानें ग्यारस का रहस्य

Thursday Puja
New Delhi: भगवान विष्णु को समर्पित मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi 2019) का विशेष महत्‍व है। पुराणों के मुताबिक, हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी को कार्तिक माह बहुत पवित्र माना जाता है। मान्‍यता है कि मोहिनी एकादशी व्रत (Mohini Ekadashi Vrat) बेहद फलदायी है।

पौराणिक मान्‍यता के अनुसार, इस व्रत के पुण्य से मनुष्य मोह-माया से ऊपर उठ जाता है और मोक्ष प्राप्‍त करता है। माना जाता है कि भगवान विष्‍णु ने आज ही के दिन ही मोहिनी (Mohini) का रूप धारण किया था। भगवान ने अपने मोहिनी रूप (Mohini Avatar) से असुरों को मोहपाश में बांध लिया और सारा अमृत पान देवताओं को करा दिया था।

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वैसे तो साल में 24 एकादशी (Mohini Ekadashi) होती है लेकिन मलमास के कारण कई बार इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी (Mohini Ekadashi) के दिन व्रत रखकर विष्णुजी के विभिन्न अवतारों का पूजन करना चाहिए।

जो लोग किसी कारण से एकादशी व्रत नहीं कर पाते हैं उन्हें एकादशी के दिन खान-पान एवं व्यवहार में सात्विकता का पालन करना चाहिए। यानी इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मछली, अंडा नहीं खाएं और झूठ, ठगी, का त्याग करके भगवान का स्मरण करना चाहिए।

इसके अलावा एकादशी के दिन चावल खाना भी वर्जित है। पौराणिक कथा के अनुसार माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने शरीर का त्याग कर दिया और उनका अंश पृथ्वी में समा गया।

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वैज्ञानिक मतों के अनुसार, चावल में जल की मात्रा अधिक होती है। जल पर चन्द्रमा का प्रभाव अधिक पड़ता है। चावल खाने से शरीर में जल की मात्रा बढ़ती है इससे मन विचलित और चंचल होता है। मन के चंचल होने से व्रत के नियमों का पालन करने में बाधा आती है। इसलिए आज के दिन चावल या चावल से बनी चीजें खाना वर्जित कहा गया है।