आज से शुरू हो रहा मृत्यु पंचक, 5 दिनों तक भूलकर भी न करें ये काम

Mrityu Panchak
New Delhi: आज 22 जून सुबह शनिवार से मृत्यु पंचक (Panchak) लग चुका है। शनिवार के दिन से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि ग्रह-नक्षत्रों की चाल और उनकी दशा का मनुष्य के भाग्य पर असर पड़ता है।

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ग्रह-नक्षत्रों के एकसाथ आने से बने खास योग को ‘पंचक’ (Panchak) कहा जाता है। इस समय चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में दष्टिगोचर होता है। ज्योतिषशास्त्र में पंचक काल में शुभ काम करने की मनाही है। यह अशुभ समय माना जाता है। पंचक में धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र का संयोग बनता है। पंचक हर माह लगता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, पंचक काल में शुभ कर्मों का भी प्रभाव उलटा पड़ता है। इस काल में धन के लेनदेन, बिज़नेस, यात्रा और किसी भी प्रकार की सौदेबाजी से परहेज करना चाहिए। इस समय इन कामों को करने से आर्थिक नुकसान की संभावना बनी रहती है।

पंचक में न करें ये काम
  • ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक़, पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा से परहेज करना चाहिए क्योंकि ये यम की दिशा मानी गई है।
  • इस दौरान शवदाह नहीं करना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो शव का क्रियाकर्म किसी योग्य व जानकार पंडित से पूछकर करना चाहिए।
  • ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक़, पंचक के दौरान पलंग बनवाना अशुभ माना गया है। पंचक के दौरान अगर रेवती नक्षत्र हो और उस समय भवन निर्माण का काम चल रहा हो तो छत नहीं डलवानी चाहिए।
  • ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक़, यदि धनिष्ठा नक्षत्र में पंचक लगा हो तो ऐसे समय लकड़ी या ज्वलनशील चीजों से दूर रहना चाहिए क्योंकि इसमें आग लगने का ख़तरा रहता है।

 

नोट: हमारा उद्देश्य किसी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह लेख लोक मान्यताओं और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है।