बर्थडे स्पेशल: टीम इंडिया के वो कप्तान हैं गांगुली.. जिन्होंने विदेशों में भारत को जीतना सिखाया

 
बर्थडे स्पेशल: टीम इंडिया के वो कप्तान हैं गांगुली.. जिन्होंने विदेशों में भारत को जीतना सिखाया

Newzbox Desk: Happy Birthday Sourav Ganguly: लंबे समय तक भारत को क्रिकेट जगत में ‘घर के शेर और बाहर मेमना’ कहा जाता था। इसकी वजह थी विदेशों में भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) की असफलता और भारतीय उप महाद्वीप में सफलता, लेकिन जिस शख्स ने भारतीय क्रिकेट के इस चेहरे को बदला वह कोई और नहीं बल्कि सौरव गांगुली (Saurav Ganguly) थे।

सौरव गांगुली (Saurav Ganguly) के नेतृत्व में ही टीम इंडिया ने भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में मैच जीतने शुरू किए। भारत में क्रिकेट का जो साहसी ब्रांड दिखाई पड़ता है- उसका श्रेय गांगुली को ही दिया जाना चाहिए। भारतीय प्रशंसकों के प्यारे ‘दादा’ आज 49 साल के हो गए हैं। उनके फैंस ने उन्हें ‘गॉड ऑफ ऑफसाइड’, ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’, ‘बंगाल टाइगर’ और ‘दादा’ जैसे नाम दिए थे।

आपको बता दें कि गांगुली का जन्म (Happy Birthday Sourav Ganguly) 8 जुलाई 1972 में कोलकाता में हुआ था। आज दादा (Saurav Ganguly’s Birthday) के बर्थडे पर हम आपको उनके कुछ अनोखे रिकॉर्ड्स और उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं।

सौरव गांगुली से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

सौरव गांगुली को बायें हाथ का बेस्ट भारतीय बल्लेबाज कहा जाता है। क्या आप जानते हैं कि पहले गांगुली दाएं हाथ से अपने सारे काम किया करते थे, लेकिन उनके भाई स्नेहाशीष बायें हाथ से सब काम करते थे। जब गांगुली अपने भाई के साथ क्रिकेट खेलते तो उन्हें दिक्कत होती और वह भी बाएं हाथ से खेलने लगे।

सौरव गांगुली का पहला प्यार फुटबॉल है। स्नेहाशीष ने ही सौरव को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। किस्मत देखिए कि सौरव ने बंगाल रणजी ट्रॉफी टीम के लिए अपने भाई स्नेहाशीष की जगह ली।

सौरव गांगुली को 1992 में अपने डेब्यू के समय से ही आक्रामक माना जाता था। अपने एटीट्यूट प्रॉब्लम की वजह से ब्रिसबेन में उन्हें ड्रॉप किया गया। बाद में उन्हें टेस्ट सीरीज के लिए 1996 में चुना गया। उन्होंने लॉर्डस में शतक के साथ डेब्यू किया। किसी भी भारतीय द्वारा यहां बनाया गया अधिकतम स्कोर था।

सौरव गांगुली अपने प्रेरणास्रोत में डेविड गावर, डेविड बून, मोहिंदर अमरनाथ, कपिल देव और एलेन बॉर्डर का नाम लेते हैं। उनके पसंदीदा कोच हैं- बीडी देसाई, वीएस पाटिल और हेमू अधिकारी।

सौरव गांगुली और डोना की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। उनकी पत्नी डोना पेशे से एक ओडिसी डांसर थी। डोना सौरव गांगुली के पड़ोस में रहती थीं। स्कूल के दिनों से ही गांगुली डोना को प्यार करते थे। स्कूल से आने के बाद वो डोना को देखने के लिए साइकल पर एक चक्कर लगाते थे। डोना भी गांगुली को पसंद करती थी। लेकिन दोनों के परिवारों में आपसी दुश्मनी थी।

परिवार को बिना बताए दोनों ने 12 अगस्त 1996 में शादी कर ली। इस समय तक गांगुली मशहूर हो चुके थे। उनके परिवार वाले उनकी शादी ब्राह्मण लड़की से करवाना चाहते थे। जब दोनों ने अपनी शादी की बात घरवालों को बताई तो दोनों के घरवालों ने इस शादी को नहीं माना। धीरे-धीरे उन्होंने रिश्ता मान लिया। 21 फरवरी को एक छोटा सा समारोह आयोजित किया गया। इस दिन को दोनों अपनी शादी की सालगिरह के रूप में मनाते हैं।

'कप्तान' सौरव गांगुली का रिकॉर्ड

सौरव गांगुली का विदेश में कप्तान के तौर पर रिकॉर्ड इसलिए भी अच्छा है, क्योंकि 28 टेस्ट मैचों में विदेशी सरजमीं पर भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की और इन मैचों में 11 मैच टीम इंडिया ने जीते, जबकि 10 मैचों में भारत को हार मिली और 7 मैच बेनतीजा रहे थे। वहीं, वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में विदेशी और तटस्थ स्थल को मिलाकर कुल 110 मैचों में उन्होंने कप्तानी की, जिसमें से 58 मैचों में भारत को जीत मिली। उनसे बेहतर रिकॉर्ड वाले भारतीय कप्तानी भी हैं, लेकिन दादा की कप्तानी की बात ही कुछ और होती थी।

गांगुली का करियर

जून 1992 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले सौरव गांगुली ने 311 वनडे इंटरनेशनल मैचों में देश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने वनडे मैचों की 300 पारियों में 40 से ज्यादा की औसत से 11363 रन बनाए। इसमें 22 शतक और 72 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, शुरुआत के समय में वे मध्य क्रम में बल्लेबाजी करते थे और करियर के आखिरी समय में उन्होंने टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी की थी। इन 311 मैचों की 171 पारियों में उन्होंने गेंदबाजी भी की और कुल 100 विकेट अपने नाम किए, जिसमें 2 फाइव विकेट हॉल भी शामिल हैं।

113 टेस्ट मैचों में सौरव गांगुली ने 42 से ज्यादा के औसत से 7212 रन बनाए हैं। अपने डेब्यू टेस्ट मैच में गांगुली ने शतक जड़ा था। 1 दोहरा शतक, 16 शतक और 35 अर्धशतक उन्होंने जड़े हैं। आइपीएल में भी सौरव गांगुली खेल चुके हैं और उन्होंने 59 मैचों की 56 पारियों में कुल 1349 रन बनाए थे। 7 अर्धशतक भी उन्होंने जड़े थे। गांगुली ने अपने करियर में बहुत कम टी20 मैच खेले हैं, क्योंकि जब उनका करियर पीक पर था तो उस समय टी20 क्रिकेट का चलन नहीं था। यहां तक कि उन्होंने एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच देश के लिए नहीं खेला है।

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