सियाचिन में देश की रक्षा करेंगे धोनी, संन्यास की खबरों के बीच आर्मी यूनिट में जा सकते हैं माही

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New Delhi: वर्ल्डकप 2019 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम की विदाई के बाद पूर्व कप्तान महेंद्र ‌सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के संन्यास की अटकलों का बाजार गर्म है। कुछ खबरें ऐसी भी हैं कि महेंद्र सिंह धोनी अगले साल आईपीएल खेलने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं।

हालांकि वर्ल्डकप में धोनी (Mahendra Singh Dhoni) का प्रदर्शन उतना खराब भी नहीं रहा था। धोनी ने सेमीफाइनल में 72 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली थी, लेकिन वे 49वें ओवर की तीसरी गेंद पर रन आउट हो गए थे। इसके बाद ही भारतीय टीम की जीत की उम्मीदें भी चकनाचूर हो गई।

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अब चर्चा ये है कि महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जा रहे हैं। इस दौरे के लिए विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह को आराम देने का फैसला किया गया है। हालांकि खबरें ये भी हैं कि विराट कोहली आराम का फैसला छोड़कर विंडीज दौरे पर जाने के लिए हामी भर सकते हैं।

जहां तक बात महेंद्र सिंह धोनी की है तो उनके संन्यास पर स्थिति जब साफ होगी तब होगी, फिलहाल तो माना जा रहा है कि धोनी अगले दो महीनों तक इंडियन टेरिटोरियल आर्मी (Army Unit) में जा सकते हैं। धोनी को 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक दिया गया था। वैसे भी धोनी का आर्मी प्रेम किसी से छिपा नहीं है।

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सियाचिन में पोस्टिंग चाहते हैं धोनी

दरअसल, हाल ही में महेंद्र सिंह धोनी के एक करीबी दोस्त ने ये जानकारी दी थी कि धोनी भविष्य में कुछ भी कर सकते हैं। यह भी हो सकता है कि टेरिटोरियल आर्मी (Army Unit) में लेफ्टिनेंट कर्नल धोनी कुछ महीनों के लिए सियाचिन में पोस्टिंग करते नजर आएं। धोनी वैसे ही देश की सेवा करना चाहते हैं, जैसे देश के जवान करते हैं। इसके लिए जल्द ही वह आर्मी के संबंधित अधिकारियों से बात कर उन्हें अपनी इच्छा से अवगत कराना चाहते हैं।

बचपन से ही फौजी बनना चाहते थे धोनी

महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया को क्रिकेट के हर फॉरमेट में बुलंदियों तक पहुंचाया। लेकिन रांची का ये लड़का क्रिकेटर नहीं, कुछ और बनना चाहता था। धोनी ने एक इंटरव्‍यू में कहा था कि वह बचपन से ही फौजी बनना चाहते थे। वो रांची के कैंट एरिया में अक्सर घूमने चले जाते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। यही वजह रही कि वो फौज के अफसर नहीं बन पाए और क्रिकेटर बन गए।