भारत में बंद होगा WhatsApp! दिल्ली हाई कोर्ट से कहा- तो हम अपनी दुकान बंद कर लेंगे

 
भारत में बंद होगा WhatsApp! दिल्ली हाई कोर्ट से कहा- तो हम अपनी दुकान बंद कर लेंगे

NewzBox Desk: दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने वॉट्सऐप WhatsApp से सवाल किया कि आप पर आरोप है कि आपकी प्राइवेसी पॉलिसी (WhatsApp Privacy Policy) यूरोप के लिए अलग और भारत के लिए अलग है। आप से यही सवाल पूछा जा रहा है। क्या आपने कहीं पर भी इस सवाल का जवाब दिया है? इस याचिका में भी कहीं पर भी यह बात कही है? कोर्ट ने कहा कि यही एक बॉटलनेक है। क्या आपने कहीं पर भी कहा है कि दोनों में अंतर नहीं है?

सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे (Harish salve) ने WhatsApp की ओर से कहा, इसका एक जेनेरिक जवाब है। पहले संसद को पर्सनल प्रोटेक्शन बिल (Personal Protection Bill) जारी करने दिया जाए। अगर वह मुझे मेरी नीति के साथ इजाजत देगा तो मैं भारत में काम करूंगा, वरना अपनी दुकान बंद कर लूंगा। लेकिन जब तक संसद कानून नहीं बनाती तो क्यों इसके लिए दबाव दिया जा रहा है।

शुक्रवार वॉट्सऐप (WhatsApp) की ओर से कहा गया कि आज की स्थिति यह है कि हमने यूजर्स पर छोड़ रखा है कि आप हमारी पॉलिसी (WhatsApp Privacy Policy) मंजूर करें या न करें। हर स्थिति में उन्हें वॉट्सऐप ऐप यूज करने से किसी भी स्थिति में नहीं रोका जा रहा है और वे कर रहे हैं।

देश और दुनिया में वॉट्सऐप (WhatsApp) सबसे ज्यादा लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप है और सिर्फ भारत में भी इसके करोड़ो यूजर्स हैं। वॉट्सऐप ने सरकार के खिलाफ नए नियमों के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में वॉट्सऐप ने सरकार से मांग की है कि नए रेग्युलेशंस लागू न किए जाएं। इस प्रकार फेसबुक यूनिट को प्राइवेसी पॉलिसी तोड़ने पर मजबूर किया जाएगा।

CCI ने मांगी थी प्राइवेसी पर जानकारी

CCI ने पिछले महीने वॉट्सऐप (WhatsApp) और फेसबुक (Facebook) को नोटिस जारी किया था और उनसे प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके खिलाफ वॉट्सऐप सिंगल जज की बेंच में गया था, जहां उनकी अपील खारिज कर दी गई। तब अदालत ने कहा था कि पॉलिसी का मुद्दा पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसके बाद वॉट्सऐप ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस फैसले का विरोध किया है।

केंद्र ने कहा था- वॉट्सऐप यूजर्स को मजबूर कर रहा

सिंगल जज की बेंच के सामने केंद्र ने भी वॉट्सऐप की पॉलिसी का विरोध किया था। केंद्र ने अदालत से कहा था कि पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल के कानून बनने से पहले वॉट्सऐप यूजर्स को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी अपनाने के लिए मजबूर कर रहा है। केंद्र ने कहा था कि वॉट्सऐप यूजर्स पर रोज ऐसे नोटिफिकेशंस की बमबारी हो रही है कि वे पॉलिसी को अपनाने की मंजूरी दें।

मई में लागू की वॉट्सऐप ने नई पॉलिसी

भारत में वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी फरवरी में लागू की जानी थी, पर यूजर्स और एक्सपर्ट ने इस पर चिंता जाहिर की। इस पॉलिसी में सरकार के दखल की मांग उठने लगी। इसके बाद कंपनी ने इसमें देर की। इस पॉलिसी को मई के मध्य में लागू किया गया। वॉट्सऐप ने तब सरकार से कहा था कि यूजर्स की प्राइवेसी उनके लिए टॉप प्रियॉरिटी का मुद्दा है।

क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?

वॉट्सऐप पर नए टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी के मुताबिक, सर्विसेज को ऑपरेट करने के लिए आप वॉट्सऐप को जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है।

ऐसा फैसला क्यों लिया?

नई पॉलिसी के नोटिफिकेशन में कंपनी साफ लिखा है कि अब वॉट्सऐप आपकी हर सूचना अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ शेयर करेगा। यानी वॉट्सऐप अपने यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करके पैसे भी कमा सकती है।

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