असहिष्णुता पर PM को खत लिखने वालों को कंगना, प्रसून समेत 61 शख्सियतों का जवाब

Intolerance mob lynching
New Delhi: देश में हो रहीं मॉब लिन्चिंग (Mob Lynching) की वारदात और ‘जय श्री राम’ (Jai Shri Ram) के नारे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 49 जानी-मानी शख्सियतों द्वारा खत लिखे जाने के तीन ही दिन बाद 61 अन्य शख्सियतों ने एक खत लिखकर PM को खत लिखने वालों पर ‘चुनिंदा घटनाओं पर गुस्सा जताने, झूठे किस्से सुनाने और साफतौर पर राजनैतिक पक्षपात’ का आरोप लगाया है।

इस नए खत के लेखकों में भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के प्रमुख प्रसून जोशी, बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, फिल्मकार मधुर भंडारकर, तथा विवेक अग्निहोत्री के अलावा शास्त्रीय नर्तकी व राज्यसभा सदस्य सोनल मानसिंह शामिल हैं।

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इस खत में लिखा गया है, “23 जुलाई, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम प्रकाशित खुले खत ने हमें अचंभे में डाल दिया है। देश की चेतना के 49 स्वयंभू रखवालों और अभिभावकों ने चुनिंदा चिंता व्यक्त की है, और साफतौर पर राजनैतिक पक्षपात का प्रदर्शन किया है।”

खत में लिखा गया है, “हम लोगों, जिन्होंने इस खत पर दस्तखत किए हैं, की नज़र में चुनिंदा रूप से भड़ास निकालना एक फर्जी किस्से को सच्चा साबित करने की कोशिश है, प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों को नकारात्मक रूप से दिखाने की कोशिश है। उस खुले खत पर दस्तखत करने वालों ने अतीत में उस समय चुप्पी साधे रखी थी, जब जनजातीय लोगों और हाशिये पर सरक चुके लोगों को नक्सलियों ने शिकार बनाया था। वे उस समय भी चुप्पी साधे रहे थे, जब अलगाववादियों ने कश्मीर में स्कूलों को जला डालने का फरमान जारी किया था। वे तब भी खामोश रहे थे, जब भारत को तोड़ने की मांग की गई थी।”

इस नए खत पर दस्तखत करने वाली शख्सियतों ने पिछला खत लिखने वाली 49 शख्सियतों पर सरकार की आलोचना करने के लिए भी हमला बोला, और कहा, “दरअसल, हमारे विचार में मोदी सरकार के कार्यकाल में अलग राय रखने, सरकार को कोसने और उसकी आलोचना करने की सबसे ज़्यादा आज़ादी है। असहमति की भावना इससे ज़्यादा मज़बूत कभी नहीं रही है।”

गौरतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं और जय श्रीराम नारे के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए अलग-अलग क्षेत्रों की 49 हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में अनुराग कश्यप, श्याम बेनेगल, रामचंद्र गुहा, शुभा मुद्गल, अपर्णा सेन और कोंकणा सेन शर्मा जैसे अलग-अलग क्षेत्र के दिग्गजों के हस्ताक्षर हैं।

इस चिट्ठी में प्रधानमंत्री को देश में बढ़ती असहिष्णुता (Intolerance) पर उनका ध्यानाकर्षण करने के लिए लिखा गया है। इस पत्र में लिखा गया है, ‘इन दिनों देश में धर्म और जात-पात और मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) से जुड़े मामले देश में बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि आपने मॉब लिंचिंग और इस तरह के मामलों को संसद में उठाया है लेकिन संसद में उठाना ही काफ़ी नहीं है आपको इन मामलों पर कड़े क़ानून बनाने चाहिए ताकि इन बढ़ते मामलों की संख्या बढ़ने की बजाए कम हो लेकिन ऐसा नही हुआ।’

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पत्र में है जय श्रीराम का जिक्र

इस पत्र में यह भी कहा गया है कि इन दिनों जय श्री राम के नाम पर खुले आम जंग छिड़ रही है। लोगों को अपने ही देश में एंटी नेशनल, अर्बन नक्सल कहा जा रहा है। लोकतंत्र में इस तरह की बढ़ती घटनाओं को रोकना चाहिए और सरकार के खिलाफ उठने वाले मुद्दों को एंटी नेशनल सेंटीमेंट्स के साथ ना जोड़ा जाए।

इस चिट्ठी में क़रीब 49 लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं का वह संज्ञान लें और कड़े क़ानून बनाएं ताकि देश में बढ़ती इन घटनाओं को रोका जा सके।

अनुराग की बेटी को अभद्र भाषा में मिली थी धमकी

फ़िल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने हाल ही में एक इवेंट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बातचीत करते हुए कहा था कि मेरा परिवार लंबे समय से बीजेपी का समर्थक रहा है। अनुराग कश्यप ने कहा था, ”मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं उनकी विचार धारा और उनकी हर बात से इत्तफ़ाक़ नही रखता। मुझे जहां महसूस होता है वहां मैं ज़रूर आवाज़ उठाता हूं। सोशल मीडिया पर भी लिखता हूं और कई बार मुझे इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ता है। लोग मुझे ट्विटर पर ट्रोल करते है और जान से मारने की धमकी तक देते है ,हालांकि मैं इन धमकियों को गंभीरता से नही लेता लेकिन अगर ट्रोलिंग का हमला मेरे परिवार पर होता है तो मुझे ज़रूर डर लगता है।”

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले अनुराग कश्यप की बेटी को ट्रोलर्स ने अभद्र भाषा में धमकी भरे ट्वीट करते हुए अपने पिता अनुराग कश्यप को बीजेपी के ख़िलाफ़ कुछ ना लिखने और चुप रहने की सलाह दी थी ।

इसके बाद अनुराग कश्यप को उनके फ़ैन्स समेत फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने भी इस मामले में पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी थी। हालांकि अनुराग कश्यप को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भी कई पुलिस स्टेशनों के चक्कर काटने पड़े। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ट्विट करने के बाद ही मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि अभी तक अनुराग कश्यप की बेटी को धमकाने वाले इस ट्रोल का अभी तक भी कुछ पता नहीं चला है।