बर्फ में गर्भवती के लिए देवदूत बनी सेना.. 4 घंटे पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल, PM मोदी ने की तारीफ

Snow Indian Army
New Delhi: जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित है। आम सेवाओं के लिए भी लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। लोगों के इस संघर्ष में भारतीय सेना (Snow Indian Army) भी उनके साथ खड़ी है।

इसकी बानगी देखने को मिली जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए जवान (Snow Indian Army) घंटों बर्फ पर साथ चलते रहे। गौरतलब है कि हिमस्खलन की चपेट में आकर पिछले चार साल के दौरान 74 भारतीय जवान शहीद हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सेना को बधाई दी है। इंडियन आर्मी के चिनार कॉर्प्स की ओर से जानकारी दी गई कि भारी बर्फबारी (Snow Indian Army) के बीच एक गर्भवती महिला शमीमा को अस्पताल ले जाने की जरूरत आ पड़ी। इस दौरान चार घंटे तक 100 से ज्यादा सेना के जवान और 30 आम नागरिक शमीमा के साथ चलते रहे। शमीमा को स्ट्रेचर पर बर्फ से होकर ले जाया जा रहा था।

पीएम ने की वीरता की तारीफ

बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ और अब मां और बच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। इस पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर सेना की बहादुरी की मिसाल दी। उन्होंने लिखा, ‘हमारी सेना को उसकी वीरता और प्रफेशनलिज्म के लिए जाना जाता है और मानवता के लिए भी। जब भी लोगों को जरूरत होती है, हमारी सेना हर संभव चीज करती है। हमारी सेना पर गर्व है।’ उन्होंने शमीमा और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए कामना भी की।

जवानों के लिए जानलेवा

पिछले चार साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 74 जवान हिमस्खलन की वजह से शहीद हो गए। 2016 में हिमस्खलन की चपेट में आकर 18 जवान शहीद हो गए। वर्ष 2017 में सबसे ज्यादा 30 जवान बर्फीले तूफान का शिकार हुए। 2018 में 6 जवानों को हिमस्खलन की वजह से शहादत देनी पड़ी, वहीं 2019 में भी 20 जवानों ने अपनी जान गंवाई।