CM अशोक गहलोत को डिटेंशन सेंटर जाने का डर! बोले ‘माता-पिता के जन्मस्थान की जानकारी नहीं’

Ashok Gehlot
New Delhi: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार से नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को वापस लेने की अपील की।

इस दौरान उन्होंने (Ashok Gehlot) अपने माता-पिता का जन्मस्थान न जानने की वजह से डिटेंशन सेंटर भेजे जाने की आशंका जताई। गहलोत ने कहा कि वह अपने माता-पिता के जन्मस्थान से वाकिफ नहीं हैं, ऐसे में डर है कि उन्हें भी डिटेंशन सेंटर में भेजा जा सकता है।

शुक्रवार शाम गहलोत (Ashok Gehlot) जयपुर के शहीद स्मारक पहुंचे जहां एक फरवरी से दिल्ली के शाहीन बाग की तरह सीएए-एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। गहलोत ने यहां प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। गहलोत ने दावा किया कि सरकार नैशनल जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए माता-पिता के जन्मस्थान की जानकारी मांग रही है।

गहलोत ने कहा, ‘अगर मैं इस तरह की जानकारी नहीं दे पाता हूं, तो मुझे डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन आप निश्चिंत रहिए, अगर ऐसी स्थिति आती है तो मैं सबसे पहले वहां जाऊंगा।’

गहलोत ने केंद्र सरकार से सीएए पर पुनर्विचार की अपील की और कहा कि यह कानून संविधान की रूपरेखा के खिलाफ है और इसे वापस लिए जाने की जरूरत है ताकि देश में शांति और सौहार्द बना रहे। गहलोत ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि कांग्रेस और राज्य सरकार उनके साथ है और अगर जरूरत पड़ी तो वह सबसे पहले डिटेंशन सेंटर जाएंगे।