पूर्व CJI रंजन गोगोई गोगोई की शपथ पर जया बच्चन का तंज- MeToo भूल गए क्या?

Ranjan Gogoi Jaya Bachchan
New Delhi: देश के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) को राज्यसभा (Rajya Sabha) नॉमिनेशन के लिए सदन में भी विरोध का सामना करना पड़ा।

जहां कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने उनके (Ranjan Gogoi) शपथग्रहण के दौरान वॉकआउट किया वहीं गोगोई ने कहा कि ‘बहुत जल्द वे स्वागत करेंगे’। सदन (Rajya Sabha) की कार्यवाही में हिस्सा लेने के बाद गोगोई ने कहा कि वह काफी रोचक था।

विपक्ष का विरोध

कांग्रेस के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर गोगोई (Ranjan Gogoi) ने कहा कि बहुत जल्द वे स्वागत करेंगे साथ ही कहा कि कोई आलोचक नहीं है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से करीब 10 मिनट पहले गोगोई सदन में आ गए। उन्होंने राज्यसभा चेयरमैन के रूम की तरफ से सदन में एंट्री की, जहां कांग्रेस सदस्यों की सीट है।

हालांकि कांग्रेस सांसदों ने उन्हें इग्नोर किया। फिर जब वह अपनी सीट की तरफ बढ़े तो वेल में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उनका स्वागत किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद रंजन गोगोई जैसे ही शपथ लेने के लिए उठे, विपक्षी सांसदों ने नारे लगाए। फिर कांग्रेस, टीएमसी, आरजेडी और सीपीएम सदस्यों ने वॉक आउट किया।

उनके नारे के बीच गोगोई कुछ देर शपथ लेने के लिए खड़े रहे फिर चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद शपथ ली। फिर अपनी सीट पर चले गए। उनकी सीट क्लासिकल डांसर सोनल मानसिंह के बगल में है। गोगोई को राज्यसभा सदस्य के तौर पर अभी टेंपररी कार्ड इश्यू हुआ है जिसका नंबर है 142 है।

पहले दिन बिताए करीब दो घंटे

सोनल मानसिंह ने बताया कि गोगोई से मैंने पूछा कि उनका अनुभव कैसा रहा, जिस पर उन्होंने बताया कि अच्छा अनुभव रहा। गोगोई करीब 10.30 बजे संसद पहुंचे थे और 12.30 बजे के बाद संसद से निकले। शपथग्रहण देखने उनकी पत्नी, बेटी और दामाद भी आए थे।

समाजवादी पार्टी रही साथ पर जया बच्चन ने किया तंज

विपक्ष के वॉकआउट में समाजवादी पार्टी साथ नहीं थी और उनके सांसद शपथग्रहण के वक्त सदन में मौजूद थे। हालांकि सदन के बाहर एसपी सांसद जया बच्चन ने बिना नाम लिए तंज कसा। जया बच्चन ने कहा कि ‘मैं पूछना चाहती हूं कि Metoo के ऊपर क्या हुआ। बड़े-बड़े पदों पर रहकर जिन्होंने अपनी महिला सबऑर्डिनेट का इस्तेमाल किया…. ‘।

जया बच्चन ने कहा कि मैं इसके आगे कुछ बोलूंगी तो असंसदीय हो जाएगा पर सबसे पहले उन लोगों की जांच करानी चाहिए जिन्होंने अपने पदों का दुरूपयोग किया है। गौरतलब है कि रंजन गोगोई के चीफ जस्टिस रहते उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। हालांकि तीन सदस्यीय इन हाउस कमेटी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।