Demonetisation: आज ही के दिन हुई थी नोटबंदी, जानें इसके फायदे और नुकसान

Demonetisation
New Delhi: वर्ष 2016 में आज ही के दिन यानी 8 नवंबर को मोदी सरकार ने अचानक नोटबंदी (Demonetisation) की घोषणा की थी।

सरकार ने इसी दिन से उस समय प्रचलित 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट को बंद (Note Ban) कर दिया था। बाद में इनके स्थान पर 500 रुपये का नया नोट चलाया था। वहीं 1000 रुपये का नोट बंद कर दिया था और इसकी जगह पर 2000 रुपये का नोट जारी किया गया था। मोदी सरकार ने जब नोटबंदी लागू (Demonetisation) की थी जो तर्क दिए थे कि इससे काला धन, आतंकवाद, जमाखोरी, नकली नोट की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। आज नोटबंदी को 3 साल हो चुके हैं।

नगदी पर नहीं लग पाई लगाम

पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के साथ ही नगदी के इस्तेमाल को घटाने के लिए कदम उठाने का भी ऐलान किया था। सरकार का कहना था कि जितना नगदी सर्कुलेशन कम होगी, भ्रष्टाचार उतना ही कम होगा। नोटबंदी के दौरान देश में करंसी की हिस्सेदारी करीब 86 फीसदी थी। नोटबंदी बाद कुछ महीनों तक कैश के इस्तेमाल में कमी दर्ज हुई लेकिन इस वक्त कैश का इस्तेमामल बढ़ा है। फिलहाल 22 लाख करोड़ रुपये की नगदी सिस्टम में है, जबकि नोटबंदी के वक्त 17.7 लाख करोड़ रुपये ही सिस्टम में थे।

नोटबंदी में लगभग पूरे नोट बदले

नोटबंदी के दौरान कालेधन पर चोट की बात की गई थी, लेकिन लगभग 99 फीसदी पुराने नोट लोग बदलने में कामयाब रहे। हालांकि नोटबंदी को मंजूरी देने वाले आरबीआई बोर्ड ने उस समय कहा था कि कालाधन का बड़ा हिस्सा नगदी के तौर पर नहीं, बल्कि एसेट्स में तब्दील हो जाता है। इसमें सोना या प्रॉपर्टी शामिल हैं।

नोटबंदी को ठहराया जा रहा मंदी का कारण

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अगस्त में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को कम करते हुए इसका कारण नोटबंदी को बताया था। क्रिसिल के अनुसार मौजूदा स्लोडाउन की शुरुआत नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के साथ हुई थी। उपभोग में कमी देखने को मिली और इसके कारण नौकरियां घट गईं। वहीं लोगों की आय में कमी भी आई। वहीं अब मूडीज ने भारत की रेटिंग को स्टेबल से घटाकर नेगेटिव कर दिया है।

नहीं बंद हुआ नकली नोटों का प्रवाह

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, नोटबंदी से जाली नोटों पर अंकुश नहीं लगा है। आरबीआई की ओर से कहा गया था कि बाजार में जो पांच सौ और दो हजार रुपये के नए नोट जारी किए गए हैं, उनकी नकल कर पाना मुश्किल होगा, लेकिन इन नए नोटों की नकल किए गए जाली नोट बरामद हुए हैं।

2016 में 24.61 करोड़ की नकली करेंसी जब्त

2016 में जब नोटबंदी लागू हुई तो यह माना गया था कि देश में अब नकली करेंसी का प्रवाह बंद हो जाएगा। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी लागू होने के अगले ही साल नकली करेंसी में अच्छा खासा इजाफा हुआ था। 2016 में कुल 24.61 करोड़ रुपये की नकली करेंसी जब्त की गई। 1398 मामले दर्ज हुए और 1376 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

2017 में 28 करोड़ की नकली करेंसी जब्त

अगले साल यानी 2017 में यह उम्मीद थी कि नकली करेंसी का ग्राफ अब बहुत नीचे चला जाएगा। लेकिन परिणाम इसके विपरित आया। इस साल 28 करोड़ रुपये के मूल्य के नकली नोट जब्त किए गए। ऐसे नोटों की संख्या साढ़े तीन लाख से अधिक थी।

2015 में जब्त हुए थे 15.48 करोड़ के नकली नोट

जिस साल नोटबंदी हुई थी, उससे पहले 2015 में कुल 15.48 करोड़ रुपये की नकली करेंसी जब्त की गई। 1100 मामले दर्ज हुए और इस गैर कानूनी धंधे में शामिल 1178 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें सर्वाधिक दिल्ली में पांच करोड़ 15 लाख रुपये के मूल्य की नकली करेंसी, महाराष्ट्र में एक करोड़ 72 लाख, गुजरात में एक करोड़ 59 लाख, हरियाणा में एक करोड़ 30 लाख और उत्तरप्रदेश में एक करोड़ 25 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे।

सबसे ज्यादा पकड़े गए पुराने 500 रुपये के नोट

डाटा के अनुसार, 2017 में सबसे ज्यादा 500 रुपये के नकली नोट पकड़े गए थे। पूरे देश से कुल 1,02,815 करेंसी नोट 500 रुपये के पकड़े गए थे। दूसरे स्थान पर 100 रुपये के नोट की संख्या थी। इसके कुल 92,778 नकली नोट पकड़े गए थे। इसके बाद तीसरे स्थान पर दो हजार के नोटों की संख्या है। इसके कुल 74,898 नकली नोट पकड़े गए थे। चौथे स्थान पर नोटबंदी के समय बंद हुआ 1000 रुपये का नोट है। इसके कुल 65,371 नकली नोट पकड़े गए थे।

केंद्र शासित प्रदेश में केवल दिल्ली था गढ़

डाटा के अनुसार केंद्र शासित प्रदेशों में से केवल दिल्ली में ही नकली नोट पकड़े गए थे। अन्य जगह पर किसी तरह का कोई नकली नोट नहीं पकड़ा गया था। दिल्ली में 1000 रुपये के कुल 40363, पुराना 500 रुपये के कुल 35,618, 100 रुपये के कुल 28468 और दो हजार रुपये के 3385 नकली नोट पकड़े गए थे। दिल्ली के अलावा अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में आंकड़ा शून्य रहा था।

अगर छोटे नोटों की बात करें तो पुलिस और अन्य एजेंसियों ने एक रुपये से लेकर के 50 रुपये तक के नकली नोट भी बरामद किए थे। पूरे देश में उस साल कुल 28,10,19,294 की जाली मुद्रा जब्त की गई थी।