दुनियाभर की मीडिया में चंद्रयान-2 की ‘जय हो’, सब ने बांधे ISRO की तारीफों के पुल

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New Delhi: भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने सोमवार को अपने अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया।

भारत का चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) पृथ्वी की कक्षा में 23 दिनों तक रहेगा और इसके बाद वह चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा। प्रक्षेपण के 30वें दिन चंद्रयान पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्रमा की कक्षा में पहुंचेगा।

समझा जाता है कि चंद्रयान (Chandrayaan-2) छह से सात सितंबर के बीच चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरेगा। चंद्रयान-2 मिशन की लॉन्चिंग के शुरुआती 15 मिनट काफी अहम थे लेकिन चंद्रयान ने इस अहम पड़ाव को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। इसरो के वैज्ञानिक लॉन्चिंग के 16 मिनट बाद चंद्रयान को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने में कामयाब हो गए। इसे इसरो की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

नासा ने इसरो को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी इसरो के इस मिशन की लॉन्चिंग देखी और चंद्रयान-2 की रवानगी की तस्वीरें जारी करते हुए इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया। इस कामयाबी के लिए अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने भी इसरो को बधाई दी।

नासा (NASA) ने अपने एक ट्वीट में कहा, ‘चंद्रयान 2 की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के लिए इसरो को बधाई। आपके इस मिशन में हम अपने डीप स्पेस नेटवर्क से सहयोग कर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में जो आपको नई जानकारी प्राप्त होगी, उस जगह पर अगले कुछ वर्षों में हम अपने अर्टेमिस मिशन में अंतरिक्षयात्रियों को भेजेंगे।’

चंद्रयान-2 ने भारत के सम्मान को बढ़ाया: वाशिंगटन पोस्ट

नासा के बधाई संदेश के बाद दुनिया की मीडिया में चंद्रयान -2 सुर्खियां बन गया। वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि चंद्रयान-2 अपने मिशन पर ऐसे समय रवाना हुआ है जब चंद्रमा पर मनुष्य के कदम रखने के 50 साल पूरे हुए हैं। अमेरिका का पहला मानवयुक्त मिशन अपोला-11, 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा पर उतरा था। अखबार ने कहा कि भारत ने 2022 तक अंतरिक्ष में मानवयुक्त मिशन भेजने की घोषणा की है। भारत की कम बजट वाली और स्वदेश निर्मित अंतरिक्ष तकनीक ने राष्ट्रीय सम्मान एवं आकांक्षाओं को बढ़ाया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने की प्रशंसा

न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है, ‘लॉन्चिंग के बाद चंद्रयान मिशन की शेष चीजें यदि व्यस्थित तरीके से आगे बढ़ीं तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत 200,000 मील से ज्यादा दूर चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन जाएगा। चंद्रयान-2 चंद्रमा के रहस्यमयी दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा और परीक्षण करेगा। चंद्रमा का यह हिस्सा अभी तक अछूता रहा है और दुनिया का कोई भी चंद्र मिशन अब तक इस क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।’