शीला दीक्षित: वो CM जिसने जाम में रेंगती दिल्ली को बनाया मेट्रो सिटी

Shiela Dixit Metro
New Delhi: 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित (Shiela Dixit) का आज निधन हो गया। दरअसल दिल्ली को आधुनिक बनाने में शीला दीक्षित (Delhi Former Chief Minister) का अहम योगदान रहा है।

कभी अपने जाम के लिए पहचानी जाने वाली दिल्ली को FLYOVERS पर चढाने का का श्रेय शीला दीक्षित (Shiela Dixit) की सरकार को जाता है और इतना ही नहीं अपने 15 सालों के कार्यकाल के दौरान शीला दीक्षित ने दिल्ली को जाम से एकदम मुक्त कर दिया। इसका जीता जागता उदाहरण हैं हर किलोमीटर पर फ्लाई ओवरो का जाल जिससे दिल्ली सुगम और सुलभ हो गई है।

कभी दिल्ली अपने जाम के लिए जानी जाती थी। पुरानी दिल्ली हो या नई दिल्ली। किसी भी रास्ते में पहुंच जाइए, जाम से दो चार होना लाजिमी था। लेकिन शीला दीक्षित (Shiela Dixit) की सरकार में दिल्ली में पहले फ्लाई ओवर का न केवल प्लान बना बल्कि उद्घाटन भी हुआ। इसके बाद मानों विकास की रफ्तार निकल पड़ी। दिल्ली में फ्लाई ओवरों के जाल ने जाम खत्म कर डाला है और दिल्ली सुगम हो गई है। दिल्ली में इतने फ्लाईओवर हो गए हैं कि चेन्नई के बाद दिल्ली भी अब CIty of Flyover कहलाने लगी है।

15 साल के कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल में 87 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। हालांकि इनमें से अधिकतर कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान खोले गए लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स खत्म होने के बाद भी 12 फ्लाईओवर पास किए गए। अकेले 2009-10 में 14 फ्लाईओवर बनकर तैयार हुए। दिल्ली की पतली और संकरी सड़कों को चौड़ा करवा कर उन्होंने दिल्ली को सुंदर और सुगम बनाने में जो योगदान दिया वो जनता को याद रहेगा।

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दिल्ली के ये फ्लाई ओवर हैं खास
  • दिल्ली का धौला कुआं का फ्लाईओवर सबसे लंबा और बड़ा फ्लाई ब्रिज है।
  • AIIMS का फ्लाईओवर भारत के दस सबसे बड़े फ्लाईओवरों में तीसरे स्थान पर है।
  • दिल्ली स्थित आनन्दमोई मार्ग फ्लाईओवर देश का सबसे लंबा इंट्रीग्रल फ्लाईओवर है।
बदल दी दिल्ली की सूरत
  • शीला दीक्षित (Shiela Dixit) की सरकार में ही दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए। दिल्ली में जगह-जगह फ्लाईओवर और दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ। इसके साथ ही दिल्ली के सौंदर्यीकरण का काम भी शीला की सरकार में तेजी से हुआ।
  • दिल्ली में पहली बार मेट्रो ट्रेन 2002 में शीला दीक्षित की पहली सरकार में ही शुरू हुई।
  • इसके बाद दिल्ली मेट्रो का विस्तार दिल्ली के चारों कोनों में हुआ और गुरुग्राम और नोएडा में भी मेट्रो पहुंची।
  • 2003 में दिल्ली ने 19वें कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी हासिल की। 2010 में शीला सरकार के रहते हुए खेलों का सफल आयोजन हुआ।
  • एम्स, बारापुला और DND जैसे कई ऐसे इलाकों में फ्लाईओवर बनवाए, जिन्होंने दिल्ली को बड़े जाम से छुटकारा दिलवाया।
  • शीला दीक्षित ने दिल्ली परिवहन निगम की भी सूरत बदली और पुरानी बसों को हटाकर, नई लो-फ्लोर बसों को शामिल किया, जिनमें पहली बार दिल्ली में एसी बसें भी चलीं।

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कभी लाल और कभी नीली कॉन्ट्रेक्ट वाली हत्यारी बसों से भी दिल्ली को शीला दीक्षित (Shiela Dixit) ने ही निजात दिलवाई। दिल्ली में मेट्रो का काम हालांकि मदन लाल खुराना सरकार के दौरान हो चुका था लेकिन मेट्रो को जनता के लिए इतना सुगम कर देने का श्रेय शीला दीक्षित सरकार को जाता है। किसी भी तरह से देखें तो शीला दीक्षित ने बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली के विकास के जो भी कार्य किए वो अब दिल्ली को एक विकसित राजधानी के तौर पर पहचान दिला रहे हैं।

शीला दीक्षित (Shiela Dixit) ने दिल्ली में इतना विकास किया कि विरोध दलों के नेता भी उनकी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता पर सवाल नहीं उठा पाते। ये शीला के नेतृत्व और सूझ बूझ का ही जादू था कि कांग्रेस को इतने सालों बाद कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए शीला पर भरोसा करना पड़ा।