हैदराबाद रेप: दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन, मालीवाल का अनिश्चितकालीन अनशन शुरू

Swati Maliwal Protest Strike
New Delhi: हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत का गुस्सा पूरे देश में फूट रहा है। मंगलवार को राजधानी में इसके लिए बड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग (Swati Maliwal Protest Strike) जुट चुकी हैं।

सभी सख्त ऐक्शन की मांग कर रही हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal Protest Strike) भी वहां अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गई हैं। उनका कहना है कि वह लिखित आश्वासन मिलने पर ही उठेंगी।

चंडीगढ़, कोलकाता, हैदराबाद में भी जुटीं महिलाएं

महिलाओं के साथ ऐसे घिनौने अपराध को अंजाम देनेवाले लोगों के खिलाफ देश के हर कोने में गुस्सा है। दिल्ली से पहले चंडीगढ़, कोलकाता, हैदराबाद में भी महिलाएं सड़कों पर उतरीं।

स्वाति मालीवाल ने कड़े कानून की मांग को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन करने का फैसला किया था। स्वाति पिछले साल कठुआ और उन्नाव रेप केस के खिलाफ भी 10 दिन अनशन पर बैठ चुकी हैं। अनशन से पहले मालीवाल राजघाट गईं। मालीवाल ने आरोप भी लगाया था कि जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग करके उन्हें अनशन करने से रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, फिलहाल उनका अनशन शुरू हो चुका है।

रेपिस्ट को हर हाल में 6 महीने में फांसी हो: मालीवाल

अनशन पर जाने से पहले ट्वीट कर मालीवाल ने कहा, ‘जब तक केंद्र पूरे देश के लिए ऐसा सिस्टम नही बनाती की रेपिस्ट को हर हाल में 6 महीने में फांसी हो, तब तक मैं नही उठूंगी।’

मालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि मोदी जबतक अपने वादे पूरे नहीं करते जबतक वह अनशन करेंगी। मालीवाल की मांग है कि देश में पुलिस के संसाधन जवाबदेही बढ़ाई जाए, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएं। और दिल्ली पुलिस को 66,000 पुलिसकर्मी तुरंत दिए जाएं, 45 फास्ट ट्रैक कोर्ट दिल्ली में स्थापित हो। दोषी को हर हाल में और तुरंत सजा हो।

‘दोषियों को हमेशा जेल में रखो’

हैदराबाद में हुए रेप पर बीजेपी सांसद हेमा मालिनी से सवाल पूछा गया। इसपर उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें लगातार सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में दोषियों को हमेशा जेल में रखना चाहिए। एक बार जेल में भेजे जाने के बाद उन्हें बाहर आने नहीं दिया जाना चाहिए।

क्या है मामला

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक सरकारी डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप हुआ था। उनकी हत्या करके शव को जला दिया गया था। महिला एक सरकारी अस्पताल में सहायक पशु चिकित्सक थीं। इस मामले में चार आरोपी पकड़े जा चुके हैं। आरोपियों ने साजिश के तहत डॉक्टर की स्‍कूटी से हवा न‍िकाल दी थी ताकि वे महिला डॉक्‍टर को अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम दे सकें। चारों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म), 302 (हत्या) और 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत मामला दर्ज हुआ था।