भारतीय सेना होगी और भी मजबूत, DRDO बना रहा रोबॉट टीम, दुश्मनों के छुड़ाएंगे छक्के

DRDO Robot For Indian Army
New Delhi: भारतीय सेना के लिए डीआरडीओ तीन रोबॉट (DRDO Robot For Indian Army) की एक टीम तैयार कर रहा है। ये रोबॉट की टीम आंतकियों का मुकाबला करने में सुरक्षा बलों के लिए बेहद मददगार साबित होगी।

कश्मीर जैसे इलाकों में छिपे आतंकी पर नजर रखने और उसकी जानकारी सुरक्षा बलों को देने का काम ये रोबॉट (DRDO Robot For Indian Army) करेंगे। लखनऊ में शुरू हुए डिफेंस एक्सपो में डीआरडीओ की टीम इसका बेसिक फंक्शन भी दिखा रही है।

इस टीम में तीन तरह के रोबॉट (DRDO Robot For Indian Army) हैं। पहला रोबॉट उस परिसर के बाहर नजर रखेगा जहां आंतकी होने की संभावना है। दूसरे रोबॉट अंदर घुसेगा। यह सीढ़ियां चढ़-उतर भी सकता है, यानी यह दूसरे-तीसरे फ्लोर पर भी आराम से जा सकता है।

यह रोबॉट (DRDO Robot For Indian Army) निर्देश मिलने पर किसी चीज को हाथ से उठा भी सकता है। तीसरा रोबॉट एक बहुत छोटा बॉल की तरह का रोबॉट है जिसे जरूरत पड़ने पर उस परिसर के अंदर फेंका जा सकता है जहां आतंकी छिपे हैं। यह छोटा है, इसलिए कहीं भी छिप सकता है।

इन रोबॉट के बारे में बताते हुए डीआरडीओ के एक साइंटिस्ट ने कहा कि अगर सुरक्षा बलों को किसी जगह पर आतंकी छिपे होने की खबर मिलती है तो यह तीन रोबॉट की टीम उन्हें खत्म करने के ऑपरेशन में मदद कर सकती है। ऐसे किसी भी ऑपरेशन में सबसे अहम पहलू होता है सटीक जानकारी मिलना।

यह पता करना कि अंदर कितने आतंकी हैं, कितनी जगह है, उनकी क्या पॉजिशन है। ताकि हमारी फोर्स को नुकसान कम हो। अक्सर ऐसे ऑपरेशन में आतंकियों को खत्म करने के साथ ही उनके हमले से बचना भी एक चुनौती होती है। मुंबई में हुए आतंकी हमले में यह पता लगाना ही मुश्किल हो रहा था कि कितने आतंकी हैं और उनकी क्या पोजिशन है।

रोबॉट लाइव विडियो कमांड सेंटर पर भेजेंगे

ये तीन रोबॉट लगातार लाइव विडियो सुरक्षा बलों को कमांड सेंटर पर भेजेंगे। ऑपरेशन एरिया के बाहर तैनात संतरी रोबॉट चक्कर लगा लगाकर हर हरकत को कैद कर विडियो भेजेगा। जो एक रोबॉट अंदर जाएगा, वह ऊपर नीचे चढ़ उतर सकता है जिससे वह अंदर के हालात की सटीक जानकारी दे सकता है।

यह अपने हाथ से वहां पड़ी चीज निर्देश मिलने पर उठा भी सकता है और गिरा भी सकता है। इन रोबॉट्स में सेंसर और इंफ्रारेड लगे हैं जिससे यह अंधेरे में भी काम कर सकते हैं, विडियो ले सकते हैं। यह रात में होने वाले ऑपरेशन में अहम साबित होंगे। अभी यह वाईफाई के जरिए विडियो रियल टाइम में कमांड सेंटर भेज सकते हैं। इन्हें ऑटोनॉमस बनाने पर काम चल रहा है।

डीआरडीए के तहत आने वाला सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबॉटिक्स (CAIR) आर्टिफिशियल इंटेलिजिंस, रोबॉटिक्स, कमांड और कंट्रोल सिस्टम, नेटवर्किंग के क्षेत्र में काम कर रहा है। किसी भी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को क्या दिक्कत झेलनी पड़ती है और कैसे तकनीक के जरिए उन्हें मदद दी जा सकती है, ऐसे कई प्रॉजेक्ट पर डीआरडीओ काम कर रहा है।