सदन में हंगामे के बीच रक्षामंत्री राजनाथ की सफाई, कहा- ट्रंप से नहीं हुई बातचीत

New Delhi: कश्मीर मध्यस्थता (Kashmir Issue) पर लोकसभा (Loksabha) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि ट्रंप के दावा झूठा है। कश्मीर पर मध्यस्थता का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो वो सिर्फ जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) ही नहीं पाक अधिकृत कश्मीर पर भी बातचीत होगी।

उन्होंने कहा कि यह सच है जून के महीने में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और ट्रंप के बीच मुलाकात हुई थी। लेकिन कश्मीर मुद्दा (Kashmir Issue) नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस वक्त ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात हुई थी उस वक्त विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। ट्रंप के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर अपना बयान दे चुके हैं, और उससे ज्यादा विश्वसनीय बयान और कुछ नहीं हो सकता है। ऐसे में पीएम मोदी के बयान देने का मतलब नहीं रह जाता है।

मंगलवार को राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत का पक्ष रखा था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने ट्रंप के साथ कश्मीर पर बातचीत नहीं की थी। कश्मीर पर भारत सरकार का स्पष्ट मत है कि 1972 शिमला समझौते और लाहौर डेक्लरेशन के तहत ही बातचीत होगी। भारत और पाकिस्तान के बीच जितने भी द्विपक्षीय मुद्दे हैं उसमें किसी तीसरे पक्ष के शामिल होने की गुंजाइश ही नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद लोकसभा में जबरदस्त हंगामा हो रहा है। विपक्षी दल पीएम जवाव दो के नारे लगा रहे हैं और पीएम मोदी से इस विषय पर जवाब की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में कार्यस्थगन का प्रस्ताव दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि आखिर पीएम मोदी को जवाब देने में क्या परेशानी। देश जानना चाहता है कि सच क्या है। पीएम को सदन के सामने अपनी बात रखनी चाहिए ताकि अगर ट्रंप ने झूठ बोला हो तो उसकी सच्चाई सामने आ सके।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर पीएम मोदी ने चुप्पी क्यों साध रखी है। उन्हें कम से कम इस मुद्दे पर जरूर बोलना चाहिए। ये बात सही है कि राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर बयान दे चुके हैं। लेकिन देशवासियों को लगता है कि ये अच्छा होता कि पीएम खुद इस विषय पर स्पष्टीकरण देते।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्री एस जयशंकर पहले ही कह चुके हैं जापान में ट्रंप के साथ कश्मीर पर बातचीत नहीं हुई थी। इसके साथ ये भी कहा था कि भारत अपने पहले के स्टैंड पर कायम है। भारत और पाकिस्तान के बीच किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान का कोई मतलब नहीं रह जाता है।