बड़ी खबर: महाराष्ट्र गवर्नर ने BJP को दिया सरकार बनाने का न्योता, मगर कैसे बनेगी सरकार

BJP Shiv Sena Maharashtra
New Delhi: महाराष्ट्र (Maharashtra) का दंगल लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। एक ओर जहां बीजेपी और शिवसेना (BJP Shiv Sena) एक-दूसरे पर अलग-अलग तरह के आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गवर्नर भगत सिंह कोश्‍यारी ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सरकार बनाने का न्योता दिया है। बीजेपी को 11 नवंबर तक बहुमत साबित करना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को सरकार बनाने का न्योता दिया है। फडणवीस को 11 नवंबर तक बहुमत साबित करना होगा। देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ही मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था।

इससे पहले शिवसेना ने दावा किया था कि लोकसभा चुनावों से पहले दोनों गठबंधन सहयोगियों ने अगले कार्यकाल में ढाई-ढाई (BJP Shiv Sena) साल के लिए मुख्यमंत्री पद की साझेदारी का फैसला किया था।

आपको बता दें कि इस्तीफा देने के बाद शिवसेना के दावों को खारिज करते हुए फडणवीस ने जोर देकर कहा था कि ‘मेरी मौजूदगी में’ दोनों दलों द्वारा मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया था। फडणवीस ने दावा किया था कि उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से गतिरोध तोड़ने के लिए फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन, ‘उद्धव जी ने मेरा फोन नहीं उठाया।’

उद्धव ठाकरे ने भी किया था जमकर हमला

बीजेपी को झूठा बताते (Rift in BJP and Shiv Sena) हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्होंने अपने पिता बाला साहेब को वचन दिया था कि एक दिन शिवसेना का सीएम होगा और हम अपना वचन निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वचन पूरा करने के लिए हमें न अमित शाह और न बीजेपी के आशीर्वाद की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी झूठ बोलती है और उसके झूठ की वजह से ही उन्होंने उसके साथ सरकार गठन को लेकर बातचीत रोक दी है। सरकार गठन पर बीजेपी के पाले में गेंद फेकते हुए शिवसेना प्रमुख ने कहा अब यह बीजेपी के ऊपर है कि गठबंधन की सरकार बनती है या नहीं।

बीजेपी साबित करे कि मैंने कब नरेंद्र मोदी की आलोचना की: ठाकरे

सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद फडणवीस ने कहा था कि उद्ध ठाकरे उनका फोन नहीं उठा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि सहयोगी होने के बावजूद शिवसेना पीएम मोदी पर भी तीखे हमले करते रही लेकिन बीजेपी चुप रही। इस आरोप पर ठाकरे ने कहा कि बीजेपी को साबित करना चाहिए कि मैंने कब प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी नरेंद्र मोदी की आलोचना नहीं की, व्यक्तिगत आलोचना नहीं की। ठाकरे ने कहा कि पीएम मोदी ने उन्हें छोटा भाई बताया था लेकिन आज बीजेपी की तरफ से जो कॉमेंट आ रहे हैं वे बड़े भाई की तरह नहीं हैं।

हम जुबान देते हैं तो निभाते हैं: ठाकरे

50-50 फॉर्म्युले को लेकर बीजेपी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए ठाकरे ने कहा कि झूठ बोलने वालों से कैसी बातची। उन्होंने कहा कि जब आप (बीजेपी) इतना झूठ बोलते हो तो चर्चा किस बात की होगी। उद्धव ने कहा कि उन्होंने अपने पिता बाला साहेब को वचन दिया था कि एक दिन महाराष्ट्र में शिवसेना का सीएम होगा। उन्होंने कहा कि जो जुबान दिया है उसे पूरा करेंगे। अगर बीजेपी के साथ नहीं तो किसी और के साथ मिलकर पूरा करेंगे। ठाकरे ने कहा, ‘मैंने अमित शाह से तभी कह दिया था कि मैंने बाला साहेब को वचन दिया है कि एक दिन शिवसैनिक को मुख्यमंत्री बनाऊंगा। यह वादा पूरा करूंगा। अगर आप साथ रहे तो ठीक नहीं तो बीजेपी के बिना भी।’

बीजेपी के झूठ की वजह से मैंने ही रोकी बातचीत: ठाकरे

ठाकरे ने कहा कि बीजेपी के झूठ की वजह से ही उन्होंने सरकार गठन को लेकर चर्चा रोक दी। ढाई-ढाई साल के सीएम के 50-50 फॉर्म्युले को लेकर बीजेपी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए ठाकरे ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ही यह तय हुआ था। उन्होंने कहा, ‘अमित शाह का फोन आया था मेरे पास। मैंने कहा कि मैंने पिताजी को वचन दिया है..मैंने यह भी बोला कि अगर मेरी सीटें ज्यादा आईं तब भी हम बीजेपी को ढाई साल देंगे…उन्होंने (अमित शाह) कहा कि अभी तक जो हुआ सो हुआ लेकिन मेरे कार्यकाल में न्याय होगा। मैंने यह बात देवेंद्र जी को बताई तो उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान हम इसका (ढाई-ढाई साल सीएम) जिक्र नहीं करेंगे। पद और जिम्मेदारियों के समान निर्वहन की बात करेंगे। जब हम पद की बात करेंगे तो आप मान लेना कि इसमें सीएम पद की भी बात हो रही है।’ उन्होंने कहा कि शिवसेना झूठ बोलने वालों की पार्टी नहीं है और वह बीजेपी की तरह झूठा नहीं हैं।

राम मंदिर पर बीजेपी ने वादा पूरा नहीं किया: ठाकरे

शिवसेना प्रमुख ने मोदी सरकार पर चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरएसएस और शिवसेना हमेशा से अयोध्या में राममंदिर निर्माण की मांग करती रही है लेकिन बीजेपी अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही। ठाकरे ने कहा, ‘2019 के लोकसभा चुनाव के बाद अमित शाह ने मुझसे पूछा कि आपको कौन सा मंत्रालय चाहिए…मैंने कहा कि कोई भी अच्छा सा दे दीजिए…जिसमें काम होते हों….लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’

सदन में किस दल को कितनी सीटें

आपको बता दें कि शिवसेना जहां मुख्यमंत्री पद को साझा करने पर जोर दे रही है वहीं बीजेपी ने इससे साफ इनकार कर दिया है। बीजेपी और शिवसेना मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर उलझी हुई है, जिससे 24 अक्टूबर को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में गठबंधन को 161 सीट मिलने के बावजूद सरकार गठन को लेकर गतिरोध है। 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनावों में बीजेपी को 105 सीटें, शिवसेना को 56, NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं।