कोरोना की जंग में PM मोदी हमारे कमांडर और जनता पैदल सेना, लॉकडाउन एक ऐतिहासिक कदम: पी. चिदंबरम

P Chidambaram Narendra Modi

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पीएम मोदी द्वारा देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा को बड़ी संख्या में समर्थन मिल रहा है।

हालांकि, कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के नेता लॉकडाउन पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी विपक्षी नेता हैं जो पीएम मोदी के साथ खड़े हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम इसकी सराहना की है। इतना ही नहीं, चिंदबरम ने देशवासियों से अपील की है कि इस मुश्किल वक्त में वे प्रधानमंत्री को कमांडर समझें और पैदल सैनिक की तरह उनकी कही बातों का अच्छे से अनुसरण करते हुए कोरोना वायरस का मजबूती से सामना करें।

पीएम को दिया ये सुझाव

इस मुश्किल वक्त में गरीबों, किसानों और मजदूरों के बैंक खातों में पैसा डालने के लिए चिदंबरम ने 10-सूत्रीय योजना का सुझाव भी दिया है। साथ ही 1 अप्रैल से 30 जून, 2020 तक सभी आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में 5 प्रतिशत की कटौती की मांग भी की है।

चिदंबरम ने बताया ऐतिहासिक कदम

चिदंबरम की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया गया 21 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन कोविड 19 के खिलाफ जंग में एक ऐतिहासिक कदम है। 24 मार्च से पहले की बहस को हमें पीछे छोड़कर देशव्यापी लॉकडाउन को एक नई लड़ाई की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए, जिसमें प्रधानमंत्री कमांडर हैं और जनता पैदल सैनिक।’

राजनीति छोड़ पीएम का करें समर्थन

चिदंबरम ने आगे कहा कि ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री, केंद्र और राज्य सरकारों को अपना पूरा समर्थन देना चाहिए और अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। हालांकि चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी विचार है, पार्टी का इससे कुछ भी लेना-देना नहीं है। चिदंबरम ने लोगों से घर पर रहने का आग्रह करते हुए कहा, ‘STAYHOMEINDIA (घरमें रहें भारतवासी) एक महान रैली है।’

दिया ये सुझाव

केंद्र सरकार को दिए अपने सुझावों में चिदंबरम ने लोगों के वेतन और नौकरी को सुरक्षित बनाने का अनुरोध किया है। सुझाव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना के तहत मिलने वाली वित्‍तीय मदद को छह हजार से बढ़ाकर दोगुना 12,000 रुपए कर देना चाहिए। यह रकम तत्काल लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर करना चाहिए। इसके अलावा बटाईदार किसानों को भी इस योजना का लाभ देते हुए 12,000 रुपए देने की मांग की है।