Shaheen Bagh पर वार्ताकारों की कोशिश दूसरे दिन भी नाकाम, रास्ता बंद रखने पर अड़े प्रदर्शनकारी

Shaheen Bagh

नई दिल्ली. नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन का हल निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित मध्यस्थता पैनल दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचा.

करीब डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी वार्ताकार प्रदर्शनकारियों को मानने में विफल रहे. प्रदर्शनकारियों ने संजय हेगड़े और साधना रामचंद्रन की मौजूदगी में ऐलान किया कि वह रास्ता खाली नहीं करेंगे.

रास्ता खाली नहीं करेंगे

प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकारों के सामने एलान किया कि वह रास्ता खाली नहीं करेंगे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस दिन केंद्र सरकार नागरिकता कानून हटाने का एलान कर देगी, हम उस दिन रास्ता खाली कर देंगे. इससे पहले प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ताकार कालिंदी कुंज तक बंद पड़ी सड़क को देखने के लिए निकले.

कोर्ट पर कैसे करें भरोसा

बातचीत के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने वार्ताकारों से कहा कि जिस देश में जज मार दीये वहां कैसे किसी कोर्ट पर भरोसा करें. इसपर साधना रामचंद्रन ने जवाब दिया कि जब बातचीत नहीं हो पा रही है तो यहां आने का कोई मतलब नहीं. दिल्ली पुलिस ने आप पर कोई अत्याचार नहीं किया, इसलिए उनका आदर कर रास्ता खाली कर दें.

ऐसे देश नहीं चलेगा

हेगड़े ने कहा कि कल को कोई नोएडा के डीएनडी पर बैठ जाए फिर तो देश ही नहीं चल पाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के साथ सड़क भी चले. संजय हेगड़े ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि आप अपनी जिद छोड़िये, सुप्रीम कोर्ट सड़क बंद के मामले पर सुनवाई कर रहा है.

उन्होंने कहा, आप सीएए-एनआरसी पर अड़े हुए हैं. किसी को दुख पहुंचा कर अपने अधिकार नहीं मांगने चाहिए. ताली दोनों हाथों से बजती है एक हाथ से नहीं. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर हठ गया तो आपके साथ कोई नहीं रहेगा.

साधना बोली-बातचीत के लिए शांति का माहौल नहीं

इनसब के बाद साधना रामचंद्रन ने कहा कि शाहीन बाग में बातचीत के लिए शांति का माहौल नहीं है, इसलिए कल कहीं दूसरी जगह बातचीत पर विचार किया जाएगा. वार्ताकारों ने बातचीत के लिए प्रदर्शनकारियों की ओर से 20 लोगों की लिस्ट मांगी.

इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी ने गुस्से में सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना की, जिसपर साधना रामचंद्रन भड़क उठीं. महिला ने कहा कि आप गलत याचिका पर बातचीत करने आई हैं.

इसपर साधना रामचंद्रन ने गुस्से में कहा कि आपको भारत का नागरिक कहलाने का कोई हक नहीं है. इतना कहकर उन्होंने उस महिला को पंडाल से भगा दिया.

मीडिया को फिर किया गया बाहर

वार्ताकारों ने मीडिया को बाहर निकलने की अपील की और कहा कि बात बिना मीडिया के होगी. वहीं प्रदर्शनकारी कहने लगे कि वह मीडिया के सामने बात होगी. तब साधना रामचंद्रन ने कहा कि मीडिया रहेगा तो बात नहीं हो सकेगी. इसके बाद मीडिया बाहर चला गया.

संजय हेगड़े की बातों पर जब शोर मचने लगा तो उन्होंने पूछा कि आप लोगों का डर यही है न कि यहां से हटने के बाद आपकी सुनवाई नहीं होगी. तो बता दूं कि जब तक सुप्रीम कोर्ट है आपकी हर बात सुनी जाएगी.

रास्ता खाली करने की अपील करते ही वार्ताकारों के खिलाफ प्रदर्शनकारी भड़के उठे. उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के साथ मिला हुआ है. इसलिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भी भरोसा नहीं है.