कांग्रेस की बुरी हार पर पार्टी में रार! शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पूछा ‘तो दुकान बंद कर लेनी चाहिए?’

Sharmistha mukharjee
New Delhi: दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Election 2020) में कांग्रेस की हार पर पार्टी में घमासान मच गया है। एक ओर पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने केजरीवाल को बधाई दी तो दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी (Sharmistha mukharjee) ने उनसे चुभते सवाल किए। वहीं दूसरी ओर पीसी चाको ने कहा है कि कांग्रेस अब कभी अपना वोटबैंक दोबारा वापस नहीं पा सकेगी।

दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी (Sharmistha mukharjee) ने आम आदमी पार्टी की जीत पर कांग्रेस की खुशी पर तंज किया है। पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए शर्मिष्ठा ने पूछा कि क्या कांग्रेस को अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए?

आम आदमी पार्टी को जीत की चिदंबरम के बधाई देने वाले ट्वीट को अपने ऑफिशल हैंडल से री-ट्वीट करते हुए शर्मिष्ठा (Sharmistha mukharjee) ने कहा, ‘सर, उचित सम्मान के साथ बस इतना जानना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस पार्टी राज्यों में बीजेपी को हराने के लिए क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर रही है? यदि नहीं, तो फिर हम अपनी हार पर मंथन करने के बजाय AAP की जीत पर गर्व क्यों कर रहे हैं? और अगर ऐसा है, तो हमें (प्रदेश कांग्रेस कमिटी) संभवत: अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए।’

‘कांग्रेस अपना वोट बैंक वापस नहीं पा सकेगी’

वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व लोकसभा सांसद पीसी चाको ने दिल्ली चुनाव नतीजों पर निराशा जताते हुए कहा कि कांग्रेस अब कभी अपना वोटबैंक वापस नहीं पा सकेगी। उन्होंने कहा, ‘2013 में जब शीला जी दिल्ली की मुख्यमंत्री थी तभी से कांग्रेस का पतन शुरू हो गया था। एक नई पार्टी AAP का उभरना कांग्रेस का सारा वोट बैंक छीन ले गया। अब हम इसे कभी वापस नहीं पा सकेंगे। यह अभी भी AAP के पास है।’

‘आत्ममंथन बहुत हुआ, अब कार्रवाई का समय’

इससे पहले मंगलवार को भी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बीजेपी विभाजनकारी और केजरीवाल स्मार्ट पॉलिटिक्स कर रहे हैं तो हम (कांग्रेस) क्या कर रहे हैं?

शर्मिष्ठा ने दिल्ली में कांग्रेस का खाता न खुलने पर ट्वीट करते हुए कहा, ‘हम दिल्ली में फिर हार गए। आत्ममंथन बहुत हुआ अब कार्रवाई का समय है। शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी, राज्य स्तर पर रणनीति और एकजुटता का अभाव, कार्यकर्ताओं का निरुत्साह, नीचे के स्तर से संवाद नहीं होना हार के कारण हैं। मैं अपने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं।’

‘केजरीवाल ने की स्मार्ट पॉलिटिक्स तो हमने क्या किया?’

उन्होंने आगे लिखा था, ‘अगर दिल्ली विभाजनकारी राजनीति कर रही है, केजरीवाल स्मॉर्ट पॉलिटिक्स कर रहे हैं तो हम क्या कर रहे हैं? क्या हम ईमानदारी से कह सकते हैं कि हमने घर को संभालने के लिए पूरा प्रयास किया था? हम कांग्रेस को ही कैप्चर करने में जुटे थे जबकि बाकी दल भारत को कैप्चर कर रहे थे।’ बता दें कि शर्मिष्ठा दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख भी हैं।

केजरीवाल के लिए चिदंबरम ने क्या कहा था?

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई देते हुए कहा था, ‘याद कीजिए, जब दिल्ली में मतदान हुआ था, तब लाखों मलयाली, तमिल, तेलुगु, बंगाली, गुजराती और भारत के अन्य राज्यों से आए लोगों ने मतदान किया था।’

अगले ट्वीट में चिदंबरम ने लिखा था, ‘अगर मतदाता उन राज्यों के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो वे आए थे, तो दिल्ली का मत, विपक्ष के विश्वास बढ़ाने का एक बूस्टर है कि बीजेपी को हर राज्य में हराया जा सकता है। दिल्ली का वोट राज्य विशेष के वोट की तुलना में अखिल भारतीय वोट के करीब है क्योंकि दिल्ली एक मिनी इंडिया है।’

चिदंबरम ने यह भी कहा था, ‘मैं दिल्ली के लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने 2021 और 2022 में अन्य राज्यों जहां चुनाव होंगे, उनके लिए मिसाल पेश की है।’