नहीं जानते होंगे पूर्व CM शीला दीक्षित की लव स्टोरी, DTC बस में मिला था शादी का प्रपोजल

Shiela Dixit Wedding Photo
New Delhi: बात उन दिनों की है जब दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास की पढ़ाई करने के दौरान शीला दीक्षित (Sheila Dixit) की मुलाकात विनोद दीक्षित से हुई जो उस समय कांग्रेस के बड़े नेता उमाशंकर दीक्षित के इकलौते बेटे थे।

शीला (Sheila Dixit) याद करती हैं, “हम इतिहास की ‘एमए’ क्लास में साथ साथ थे। मुझे वो कुछ ज्यादा अच्छे नहीं लगे। मुझे लगा पता नहीं वो अपने-आप को क्या समझते हैं। थोड़ा अक्खड़पन था उनके स्वभाव में।” उन्होंने बताया, “एक बार हमारे कॉमन दोस्तों में आपस में गलतफहमी हो गई और मामले को सुलझाने के लिए हम एक-दूसरे के नजदीक जरूर आ गए।”

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बस में किया शादी के लिए प्रपोज

विनोद अक्सर शीला के साथ बस पर बैठ कर फिरोजशाह रोड जाया करते थे, ताकि वो उनके साथ अधिक से अधिक समय बिता सकें। शीला बताती हैं, ‘हम दोनों डीटीसी की 10 नंबर बस में बैठे हुए थे। अचानक चांदनी चौक के सामने विनोद ने मुझसे कहा, मैं अपनी मां से कहने जा रहा हूं कि मुझे वो लड़की मिल गई है जिससे मुझे शादी करनी है। मैंने उनसे पूछा, क्या तुमने लड़की से इस बारे में बात की है?

विनोद ने जवाब दिया, ‘नहीं, लेकिन वो लड़की इस समय मेरी बगल में बैठी हुई है।’ शीला ने कहा, ‘मैं ये सुनकर अवाक रह गई। उस समय तो कुछ नहीं बोली, लेकिन घर आ कर खुशी में खूब नाची। मैंने उस समय इस बारे में अपने मां-बाप को कुछ नहीं बताया, क्योंकि वो जरूर पूछते कि लड़का करता क्या है? मैं उनसे क्या बताती कि विनोद तो अभी पढ़ रहे हैं।’

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एक लड़की भीगी-भागी सी…

बहरहाल दो साल बाद इन दोनों की शादी हुई। शुरू में विनोद के परिवार में इसका खासा विरोध हुआ, क्योंकि शीला ब्राह्मण नहीं थीं। विनोद ने ‘आईएएस’ की परीक्षा दी और पूरे भारत में नौंवा स्थान प्राप्त किया। उन्हें उत्तर प्रदेश काडर मिला। एक दिन लखनऊ से अलीगढ़ आते समय विनोद की ट्रेन छूट गई। उन्होंने शीला से अनुरोध किया कि वो उन्हें ड्राइव कर कानपुर ले चलें ताकि वो वहां से अपनी ट्रेन पकड़ लें। शीला बताती हैं, ‘मैं रात में ही भारी बरसात के बीच विनोद को अपनी कार में बैठा कर 80 किलोमीटर दूर कानपुर ले आई। वो अलीगढ़ वाली ट्रेन पर चढ़ गए। जब मैं स्टेशन के बाहर आई तो मुझे कानपुर की सड़कों का रास्ता नहीं पता था।”

उस वक्त रात के डेढ़ बजे थे। शीला ने कुछ लोगों से लखनऊ जाने का रास्ता पूछा, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। सड़क पर खड़े कुछ मनचले उन्हें देख कर किशोर कुमार का वो मशहूर गाना गाने लगे, ‘ एक लड़की भीगी भागी सी।’ तभी वहां कॉन्स्टेबल आ गया। वो उन्हें थाने ले गया। वहां से शीला ने एसपी को फोन किया, जो उन्हें जानते थे। उन्होंने तुरंत दो पुलिस वालों को शीला के साथ कर दिया। शीला ने उन पुलिस वालों को कार की पिछली सीट पर बैठाया और खुद ड्राइव करती हुई सुबह 5 बजे वापस लखनऊ पहुंची।