नहीं जानते होंगे ट्रैफिक पुलिस का यह फंडा, पेड़ या खंबे के पीछे छिपकर क्यों काटती है चालान

Traffic Safety Awareness
New Delhi: गाड़ी चलाते (Driving) समय हम तीन चीजों का सामना बिल्कुल नहीं करना चाहते हैं। इनमें पहला सड़क हादसा है। दूसरा गाड़ी का खराब होना और तीसरा अचानक से ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) का सामने आ जाना है।

अब जरा सोचिए कि आप गाड़ी चलाते हुए कहीं जा रहे हैं। ऐसे में अचानक किसी पेड़ या खंबे के पीछे से ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) आपके सामने आ जाए, तो आपका क्या हाल होगा?

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दरअसल ये कोई कल्पना नहीं बल्कि, हकीकत है जिसका ज्यादातर लोगों ने कभी न कभी सामना जरूर किया होगा। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) छिप कर वाहनों का चालान क्यों काटती है, इसका जवाब एक RTI से मिला है। तो जानते हैं कि ट्रैफिक पुलिस के इस एक्शन के पीछे क्या है दिल्ली पुलिस का आधिकारिक बयान,

दरअसल दिल्ली हाई कोर्ट के एक वकील बिजेंद्र प्रताप कुमार ने RTI के जरिए एक सवाल पूछा था। इसमें उन्होंने पूछा था कि क्या पेड़, झाड़ी या फिर किसी दीवार के पीछे छिप कर चालान काटना, यह किसी तरह का कोई नियम या आदेश है।

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इसके जवाब में ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) संदीप गोयल ने कहा है कि ऐसा पाया गया है कि जिस भी ट्रैफिक जोनल ऑफिसर या फिर हवलदार को रेडलाइट पर तैनात किया जाता है, वह खुद को सड़क के किनारे किसी पेड़ या दूसरी चीजों के पीछे छुपा लेता है। इसके पीछे उनका मकसद नियमों (Traffic Rules) को तोड़ने वाले को अचानक पकड़ना होता है।

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RTI में बताया गया है कि यह एक तरह का एम्बुश प्रॉसिक्यूशन होता है, जिसे तुरंत खत्म कर दिया गया है। संदीप गोयल ने आगे कहा कि अब से सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर, जोन ऑफिसर और हवलदार को सड़क पर सामने खड़े रहने की जरूरत है। इससे उनकी मौजूदगी को देख कर लोग खुद ब खुद लालबत्ती या सिग्नल तोड़ने (Traffic Signal) की हिम्मत नहीं करेंगे। ऐसे में अगर कोई नियमों को तोड़ता भी है, तो उसके वाहन का नंबर नोट करके उसे नोटिस भेजा जाएगा। हालांकि, दिल्ली पुलिस के इस जवाब से RTI दायर करने वाले बिजेंद्र प्रताप कुमार संतुष्ट नहीं है। बिजेंद्र ने कहा है कि वह इसके खिलाफ आगे अपील भी करेंगे।

दरअसल बिजेंद्र प्रताप कुमार का कहना है कि एम्बुश प्रॉसिक्यूशन को आतंकवादी या फिर बदमाश को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में पुलिस का काम छिपकर नियमों के टूटने का इंतजार करना नहीं है। बल्कि, नियम न टूटे यह तय करना है। दरअसल एम्बुश प्रॉसिक्यूशन एक तरह का सरप्राइज एक्शन है, जहां पुलिस घात लगाकर इंतजार करती है और फिर तुरंत एक्शन लेती है।

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ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटेगा 5 गुना चालान

वहीं, इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने नए ट्रैफिक नियम की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ग्राहकों को 5 गुना ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा। दरअसल राज्य में हो रही सड़क दुर्घटना को देखते हुए योगी सरकार ने जुर्माने की राशि को बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए यूपी सरकार की कैबिनेट ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में संशोधन किया है। ऐसे में हेल्मेट से लेकर सीट बेल्ट तक न पहनने पर कितना चालान कटेगा।